मुंबई जीपीओ में फिलैटली दिवस मनाया गया
राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2026 के दौरान 12 अक्टूबर 2026 को मुंबई जीपीओ में फिलैटली दिवस मनाया गया।
Posted by Niilesh waghela
मुंबई : मुंबई जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) में 12 अक्टूबर 2026 को फिलैटली दिवस मनाया गया । पूरे देश में 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय डाक सप्ताह के सिलसिले में यह आयोजन किया गया । इस आयोजन का उद्देश्य फिलैटली को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों और युवाओं में डाक टिकट संग्रह को बढ़ावा देना और डाक टिकटों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और उपलब्धियों के बारे में जागरूकता पैदा करना था।
फिलैटली यानी डाक टिकटों का अध्ययन और संग्रहण है। इसने देश के इतिहास, संस्कृति, जैव-विविधता, प्रसिद्ध व्यक्तियों और महत्वपूर्ण घटनाओं को जानने का एक मनमोहक अवसर दिया। भारतीय डाक ने अपनी यादगार और महत्वपूर्ण डाक टिकटों की अलग-अलग श्रृंखलाओं के माध्यम से भारत की विरासत को संभालकर रखना और दिखाना जारी रखा । इसके साथ ही सभी आयु के लोगों में जिज्ञासा और सीखने की भावना जगाई।
समारोह के एक भाग के तौर पर मुंबई जीपीओ ने स्कूली विद्यार्थियों, डाक कार्मिकों, आगंतुकों और फिलैटली के शौकीनों के लिए कई गतिविधियां आयोजित कीं । मुंबई जीपीओ में थीम आधारित फिलैटलिक प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें डाक टिकटों और उससे जुड़ी फिलैटलिक सामग्री के माध्यम से फिलैटली के महत्व और विविधता को दिखाया गया। इस प्रदर्शनी ने आगंतुकों को डाक-टिकट संग्रह के शैक्षिक, एतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्य को समझने का अवसर दिया।
इस दिन के क्रियाकलापों में “माई विज़िट” पहल के अंतर्गत स्कूली छात्रों का फिलैटली ब्यूरो का दौरा, विद्यार्थियों के लिए संवादात्मक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता तथा सुविख्यात फिलैटलिस्ट के जानकारी देने वाले संबोधन भी शामिल थे। इन क्रियाकलापों ने सहभागियों को डाक-टिकटों की मनमोहक दुनिया से परिचित कराया और फिलैटलिक गतिविधियों में ज़्यादा से ज़्यादा लोक सहभाग को बढ़ावा दिया।
सुश्री सिमरन कौर, निदेशक डाक सेवाएँ (मुख्यालय), श्री दिवाकर देवीदास ठोम्ब्रे और प्रसिद्ध फिलैटलिस्ट की उपस्थिति में फिलैटली दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष रद्दीकरण के विमोचन के साथ “भारत के प्रवासी पक्षी श्रृंखला-1” नामक नए पोस्टकार्ड सेट (सौजन्य- श्री दिवाकर देवीदास ठोम्ब्रे, एक समर्पित प्रकृति वैज्ञानिक) का विमोचन समारोह का एक विशेष आकर्षण रहा । सुश्री सिमरन कौर, निदेशक डाक सेवाएँ (मुख्यालय), श्री दिवाकर देविदास थोंबरे तथा प्रख्यात डाक टिकट संग्रहकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुश्री सिमरन कौर ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालय प्रशासन की सराहना की तथा उन्हें बधाई दी। उन्होंने आगे कहा कि डाक टिकट संग्रह को “शौकों का राजा” कहा जाता है। यह विद्यार्थियों एवं नागरिकों को इस शौक के प्रति रुचि विकसित करने तथा अपने ज्ञान के क्षितिज का विस्तार करने के लिए प्रेरित करता है। आधुनिक डाक टिकट संग्रह में विभिन्न प्रकार के आकर्षक डाक टिकट उपलब्ध हैं, जिनमें संगीतमय डाक टिकट, सुगंधयुक्त डाक टिकट (जिनमें विशेष सुगंध समाहित होती है), विभिन्न आकारों एवं माप के डाक टिकट तथा कला एवं व्यक्तिगत रुचियों पर आधारित विविध विषयों के डाक टिकट शामिल हैं। महाराष्ट्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों के मनमोहक छायाचित्रों को अपने कैमरे में संजोने वाले प्रकृतिविद् श्री दिवाकर ठोम्ब्रे के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उनके द्वारा लिए गए इन छायाचित्रों को चित्रयुक्त पोस्टकार्ड के रूप में संकलित किया गया है, जो महाराष्ट्र के विभिन्न डाक टिकट संग्रह ब्यूरो में उपलब्ध हैं। इन पोस्टकार्डों को अपने प्रियजनों को भेजना एक यादगार अनुभव प्रदान करता है तथा उनके साथ व्यक्तिगत संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक होता है।
सुश्री कौर ने आगे कहा, “हस्तलिखित पत्रों और कहानी-कथन का गहरा भावनात्मक महत्व होता है, जिसकी अनुभूति व्हाट्सऐप संदेशों जैसे सामान्य डिजिटल संदेशों के माध्यम से नहीं की जा सकती। पत्र लेखन ‘डिजिटल डिटॉक्स’ के एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करता है, जो व्यक्तियों को डिजिटल माध्यमों से कुछ समय के लिए दूर रहकर अपने शिक्षकों, गुरुओं एवं परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
हस्तलेखन के अनेक स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हैं। इससे हाथों की मांसपेशियों का व्यायाम होता है तथा सूक्ष्म शारीरिक गतिविधियों से संबंधित कौशल सुरक्षित रहते हैं। इसके अतिरिक्त, यह संवेदी एवं शारीरिक गतिविधियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाता है तथा विचारों को वाक्यों में व्यवस्थित करने, भाषा कौशल विकसित करने और भावों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की क्षमता को बढ़ाता है।”
फिलैटली दिवस की महत्ता, फिलैटली को बढ़ावा देने के लिए भारतीय डाक के प्रयास, डाक-टिकट संग्रह करने को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों, संग्रहकर्ताओं और आम लोगों से जुड़ने में मुंबई जीपीओ की भूमिका को बताने के लिए एक प्रेस वार्तालाप भी रखा गया । इस अवसर पर विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच फिलैटली को बढ़ावा देने में मुंबई जीपीओ की प्रतिबद्धता सामने आई । भारत की प्राकृतिक विरासत को बचाने और इसकी समृद्ध जैव-विविधता के बारे में जागरूकता बढ़ाने में डाक टिकटों और पोस्टकार्ड की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

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