महंगाई की मार: शैंपू, साबुन, तेल के भाव में भारी उछाल


महंगाई की मार: शैंपू, साबुन, तेल के भाव में भारी उछाल

Posted by NILESH WAGHELA 

मुंबई: रोजमर्रा के सामान बेचने वाली FMCG कंपनियों ने आम लोगों की मुश्किल बढ़ा दी हैं। बीते दो-तीन महीनों में इन कंपनियों ने फूड और पर्सनल केयर से जुड़े प्रोडक्ट‌्स के दाम 2 से 17% तक बढ़ा दिए हैं। टाटा, डाबर और इमामी जैसी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि वे भी अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ाने जा रही हैं। 

कपनिया इसकी मुख्य वजह कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी को बता रही हैं। ट्रेड डेटा और एनालिस्ट्स के अनुसार, कंपनियों ने साबुन-बॉडी वॉश के दाम 2-9%, हेयर ऑयल के 8-11% और चुनिंदा फूड आइटम्स के 3-17% तक बढ़ा दिए हैंं।

ICICI सिक्युरिटीज ने एक नोट में लिखा है कि कंपनियां चालू वित्त वर्ष 2024-25 में दाम औसतन 1% से 3% तक बढ़ा सकती हैं। वहीं, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि FMCG प्रोडक्ट्स की कीमतों के दाम फिर बढ़ सकते हैं।

नेस्ले ने कॉफी की कीमतों में 8-13% और मैगी ओट्स नूडल्स की कीमतों में 17% का इजाफा किया है। ITC के आशीर्वाद गेहूं आटे की कीमतों में 4% तक की बढ़ोतरी की है। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने साबुन और डिटर्जेंट की कीमतों में 4-5 प्रतिशत की वृद्धि की है।

कोलगेट ने पामोलिव बॉडी वॉश की कीमत एक अंक में बढ़ाई है। पीयर्स बॉडी वॉश में 4% की बढ़ोतरी की है। HUL, P&G और ज्योति लैब्स के डिटर्जेंट ब्रांड्स ने चुनिंदा पैक्स पर 1-10% की बढ़ोतरी की है। HUL ने शैंपू की कीमतों में 4-6% और स्किन केयर प्रोडक्ट्स की कीमतों में 4% तक की वृद्धि की है।

बीकाजी फूड्स ने अपने प्रोडक्ट के दाम 2-4% बढ़ाने की बात की है। वर्ष 2022 से लेकर 2023 की शुरुआत तक मार्जिन बनाए रखने के लिए कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई थीं। इसके बाद कच्चे माल के दाम घटने से कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में कीमतें बढ़ाने से परहेज किया।

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